Verse 219-चूज़े -Chicks

चलो सुनें चूं- चूं चूसों की मुर्गों की कुड़- कुड़ ,
मन किया तो मोल से लेंगे चूज़ा या ‘कुक्कड़’ |
प्रीत भी दिल के टुकड़े कर के इसी तरह है खाती ,
दिल यह समझे प्रेम ही उसका सुखद सुहाना घर ||

Verse 132- दुनिया – World

मेरे प्यार को नज़र लगाती देखे देखे बितर-बितर ,
दुनिया मुझको कुचल-कुचल कर करती है गोबर |
मैं गोबर यह लेकर अक्सर लेपूं वो दीवार ,
जिस जगह पे टंगी है तेरी फोटो मेरे घर ||