Verse 218-दव -Kismet

देखी एक मुद्दत बाद आज एक मज़ेदार पिक्चर ,
लड़की का तो याद नहीं पर हीरो था शंकर।
उससे सबक मिला की अपनी किस्मत को न कोसो ,
खूब सजा कर रखो इसको जैसा भी हो घर ||