Verse 163- पांडित्य- Wisdom

पंडित मनके क्यों फेरे है माला को लेकर ,
मन के गहवर से उठती है ज्ञान की कोई लहर |
लहर वह सच्ची दिशा दिखाए, जीवन-सार सुझाए,
माला के मनके गिनने से ज्ञान ना आता घर ||