Verse 209-पैसा -Money

अपने आप को समझ रहा था मैं बहुत बहादुर,
अकड़ गया सब तोड़, हवा का इक झोंका आकर |
तन के नॉट का छुट्टा लेने निकला मैं बाजार ,
नॉट वह मेरा जाली निकला उजड़ा मेरा घर ||

Verse 146- अति आत्मविश्वास- Overconfidence

एक पैंतरा सही पड़ा तो इतना गर्व न कर ,
जाने उल्टा पड़े दूसरा उसका ध्यान तू कर  |
ख़ुशी-गम में, नहीं मनाना अधिक ख़ुशी या गम ,

समता और संतुलन से बनता सहज सजीला घर ||