Verse 209-पैसा -Money

अपने आप को समझ रहा था मैं बहुत बहादुर,
अकड़ गया सब तोड़, हवा का इक झोंका आकर |
तन के नॉट का छुट्टा लेने निकला मैं बाजार ,
नॉट वह मेरा जाली निकला उजड़ा मेरा घर ||