Verse 136-मोहब्बत-Love

तू होती जो फूल मैं होता एक हरा पत्तर  ,
एक-दूसरे की संगत में लेते काट उमर |
अगर काँपते सर्दी में भी रहते हम जुड़ कर,
गर्मी में भी साथ साथ रह सजा ही लेते घर ||

Verse 137 – भाग्य – Destiny

होनी तो होकर रहती है काहे करे फिकर,
तभी कहूँ मैं प्यार तू करले, करले प्यार तू कर |
मिलन ख़ुशी लेकर आएगा, देगा दुःख वियोग,
घर न अपना कहलाएगा, खाली सूना घर ||