Verse 138 – न्यून – Small

मन छोटा परवाज़ भी छोटी , क्या छुए अम्बर ,
छोटे दर्द के छोटे मरुस्थल, तड़पन भी लघुतर |
अगर लड़ाई से डर लागे तो चाहे न लड़ ,
लड़ो तो ऐसे,महल बने या उजड़े अपना घर ||