Verse 198-इकाई -Unit

नहीं हो एक इकाई , मात्र हो तुम एक सिफर,
गांठ-बांध ले बात यह मेरी करता चल सफर |
राशि बनती एक इकाई शुन्य जो संग जुड़े ,
शुन्य अकेला उसकी तरह जिसका कोई न घर ||